Friday, June 22, 2012


संगमा ने दी प्रणव को बहस की चुनौती :राष्ट्रपति चुनाव
पीए संगमा ने यूपीए उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति चुनाव से पहले खुली बहस की चुनौती दी है। संगमा का मानना है कि स्वस्‍थ लोकतंत्र के लिए बहस की बेहद जरूरत है। संगमा खुद भाजपा, अन्नाद्रमुक और बीजद के समर्थन से राष्ट्रपति चुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं। संगमा ने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को चुनने का अधिकार है। भारत अभी नाजुक दौर से गुजर रहा है। देश की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। घोटालों की बाढ़ सी आ गई है। ऐसे मौके पर एक जिम्मेदार नेता ही मुल्क को सही दिशा में ले जा सकता है। इससे पहले संगमा ने अपनी उम्मीदवारी को तृणमूल कांग्रेस का समर्थन मिलने का विश्वास जताया है। संगमा ने टीवी न्यूज चैनल को बताया कि मैं लगातार ममता बनर्जी उनके संपर्क में हूं। मैं अगले एक-दो दिन में उनसे मिलूंगा। मुझे उनका समर्थन मिलने की बहुत उम्मीद है। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के पक्ष में ज्यादा सदस्य होने के विषय में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'चुनाव अनुच्छेद-55 के अनुसार होता है और इस अनुच्छेद में स्पष्ट है कि चुनाव गुप्त मतदान के जरिए होगा। इस समय संख्या का सवाल की नहीं उठता। उन्होंने कहा, 'गुप्त मतदान का मतलब अंतरात्मा की आवाज सुनकर मतदान करना है और मैं अंतरात्मा की आवाज सुनकर मतदान करने में भरोसा करता हूं।संप्रग व वाम मोर्चे के विभाजन के संबंध में पूछने पर संगमा ने कहा, 'लगभग हर राजनीतिक दल में विभाजन हो रहा है। जो बताता है कि यह चुनाव एक गम्भीर चुनाव है। यह उतना आसान नहीं है जितना कांग्रेस दावा कर रही है। विभाजन हो रहा है क्योंकि लोग इस सम्बंध में गम्भीरता से सोच रहे हैं। यह एक स्वागतयोग्य बदलाव है।' उन्होंने कहा, 'प्रणब मुखर्जी भी अविभाजित संप्रग के उम्मीदवार नहीं है। ममता भी संप्रग का हिस्सा हैं और उन्होंने अभी प्रणब को समर्थन नहीं दिया है।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को संगमा को समर्थन देने की घोषणा की। आंकड़ों की माने तो प्रणब के समर्थन में 56.17 प्रतिशत व संगमा के समर्थन में 31.7 प्रतिशत वोट पड़ने की सम्भावना है।

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