Wednesday, February 1, 2012


 तो....अब आधे अमेरिकी आ जाएगें सड़क पर
न्यूयॉर्क. अमेरिका में गरीबी रेखा के नीचे ज़िंदगी जीने वालों की तादाद 15 फीसदी है। लेकिन करीब आधे अमेरिका और गरीबी में फासला सिर्फ एक आर्थिक झटके का है। आधे अमेरिकी लोगों की कमाई अच्छी है, लेकिन उनके पास बचत के नाम पर कुछ भी नहीं है। जिसका मतलब है कि सिर्फ एक बड़ा वित्तीय झटका इन अमेरिकियों को मुश्किलों के भंवर में फंसा सकती है। एक अमेरिकी थिंक टैंक कॉरपोरेशन फॉर एंटरप्राइज डेवलपमेंट की निदेशक जेनिफर ब्रुक्स ने इस बारे में कहा, 'वे अपने संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे अपनी बचत पर जी रहे हैं, जो खात्मे के कगार पर है।' कॉरपोरेशन फॉर एंटरप्राइज डेवलपमेंट ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में उन लोगों के बारे में बात की गई है जो गरीबी रेखा के नीचे नहीं हैं, लेकिन किसी भी मुसीबत को झेलने के लिए उनके पास पर्याप्त बचत नहीं है। संगठन ने इन लोगों को 'लिक्विड-एसेट पुअर' नाम दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की 43 फीसदी यानी करीब 12 करोड़ लोग लिक्विड एसेट पुअर हैं। इन घरों में रहने वाले परिवार मंदी की वजह से नौकरी जाने या मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में तीन महीनों के भीतर गरीबी रेखा के नीचे चले जाएंगे।


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