Thursday, February 2, 2012


  चिदंमबरम पर फैसला अब निचली अदालत में होगा
         '2 जी मामलें में 122 लाइसेंस रद्द'
नई दिल्ली: 2-जी मामले में चिदंबरम को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ सीबीआई जांच करने या न करने का फैसला निचली अदालत पर छोड़ दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने 2-जी से जुड़े 122 लाइसेंस भी रद्द कर दिए हैं, और इसके अलावा मामले में एसआईटी के गठन की मांग करने वाली प्रशांत भूषण की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है । गौरतलब है कि जनता पार्टी के नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने चिदंबरम को ए राजा के बराबर ही जिम्मेदार मानते हुए उनकी भूमिका की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। स्वामी का दावा था कि स्पेक्ट्रम के दाम और उसे बांटने के बारे में सारे फैसले राजा और चिदंबरम ने मिलकर लिए।  चिदंबरम चाहते तो सरकार को नुकसान से बचा सकते थे लेकिन सरकार ने भी हथियार नहीं डाले। स्वामी के दावों का सुप्रीम कोर्ट में पूरी तरह से विरोध किया केंद्र सरकार ने कोर्ट में कहा कि निचली अदालत मामले की सुनवाई कर रही है इसलिए सुप्रीम कोर्ट को यह मामला नहीं सुनना चाहिए। सरकारी एजेंसियों ने भी स्वामी के दावों को खोखला बताया। सीबीआई ने कहा कि सारे दस्तावेजों को परखा गया है और चिदंबरम के खिलाफ कुछ नहीं मिला। सीबीआई ने चिदंबरम को क्लीन चिट दे डाली। लेकिन चिदंबरम की दिक्कतें कम नहीं हुई। पिछले साल अक्टूबर में वित्त मंत्रालय का एक नोट सबके सामने आया जिसमें जिक्र था कि चिदंबरम चाहते तो 2-जी स्पेक्ट्रम के लाइसेंस का आवंटन रुकवा सकते थे। इसके बाद सरकार बैकफुट पर दिखी। विपक्ष संसद में अंदर और बाहर हंगामा करता रहा।

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