Saturday, August 18, 2012

गीतिका हत्याकांण्ड : कांडा ने किया आत्मसमर्पण

Geetika Sharma suicide case: Gopal Kanda surrenders before Delhi policeहरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा ने गीतिका शर्मा की आत्महत्या के 13 दिन बाद शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। कांडा पर पूर्व एयर होस्टेस को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। 
पुलिस द्वारा जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिये जाने के बाद कांडा पिछले दस दिनों से फरार चल रहे थे। उन्होंने आज सुबह चार बजे भारत नगर पुलिस थाने में समर्पण कर दिया।    
पुलिस थाने में प्रवेश से पहले उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि दिल्ली पुलिस के निर्देश पर वह जांच में शामिल होने जा रहे हैं। पुलिस आयुक्त (उत्तर पश्चिम) पी करुणाकरण ने बताया कि कांडा ने समर्पण कर दिया है और हमने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। 
इस मामले में अब बंद हो चुकी कांडा की एमडीएलआर एयरलाइंस की वरिष्ठ अधिकारी अरुणा चड्डा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और वह अब न्यायिक हिरासत में है। गीतिका ने पांच अगस्त को अशोक विहार स्थित अपने आवास पर कथित तौर पर खुदकुशी कर ली थी।  
गीतिका ने अपने सुसाइड नोट में आरोप लगाया है कि उसके नौकरी छोड़ने के बाद कांडा और चडढा उस पर फिर से कंपनी में शामिल होने के लिए दबाव बना रहे थे। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कल कांडा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।  
रोहिणी अदालत ने गुएवार को हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। अदालत ने पुलिस को गिरफ्तारी वारंट की तामील के लिए 24 अगस्त तक का समय दिया था।    
दिल्ली पुलिस ने कांडा की तलाश में हरियाणा, गोवा और पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी में 60 से अधिक स्थानों पर छापामारी की थी और लगभग 30 लोगों से पूछताछ की। 
कांडा के भाई गोविंद कांडा को भी कल पुलिस ने इस आरोप में गिरफ्तार कर लिया था कि वह पुलिस को चकमा देने में अपने भाई की मदद कर रहा है।
    कांडा को अंतिम बार गुड़गांव स्थित उनके आवास पर आठ अगस्त को देखा गया था और उन्हें सात अगस्त को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया गया था।

Friday, August 17, 2012

ईयर इडिया के घाटे में जाने के पीछे प्रफुल पटेल का हाथ : सीएजी


‘एयर इंडिया को जानबूझकर घाटे में डाला प्रफुल्ल पटेल ने’ नई दिल्ली। सीएजी की रिपोर्ट आने से पहले ही यूपीए सरकार के लिए मुश्किल वक्त शुरू होता दिखाई दे रहा है। एयर इंडिया के पूर्व सीएमडी सुनील अरोड़ा ने पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल पर आरोप लगाया है। अरोड़ा ने आरोप लगाया है कि प्रफुल्ल पटेल ने प्रबंधन पर गलत फैसले लेने का दवाब बनाया था। आरोप है कि जरूरत से ज्यादा विमान खरीदने को मजबूर किया गया। पूर्व सीएमडी ने सीवीसी को चिट्ठी लिखकर इस बात की जानकारी दी है। पूर्व सीएमडी ने शिकायत करते हुए मामले की जांच सीवीसी से करने की मांग की है।
अरोड़ा ने 2005 में तत्कालीन कैबिनेट सचिव बी के चतुर्वेदी को यह चिट्ठी लिखी थी। एक तरह से देखें तो अरोड़ा ने उस वक्त व्हिसल ब्लोअर का रूप अख्तियार किया था। अरोड़ा ने उस वक्त के नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल और उनके ओएसडी के एन चौबे के ऊपर गंभीर आरोप लगाए हैं। मुख्य आरोप है कि इंडियन एयरलाइंस को फायदा पहुंचाने वाले रूट पर जाने से रोका गया। खासकर कि इस पूरी प्रक्रिया में प्राइवेट एयरलाइंस को फायदा पहुंचाया गया। इसके अलावा अरोड़ा ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रफुल्ल के कार्यकाल में जरूरत से ज्यादा ही जेट खरीदे गए। और साथ ही कुछ जेट मेकिंग कंपनीज को फायदा पहुंचाया गया। यह सब बोर्ड मीटिंग के बहाने किया गया। एआई की बोर्ड मीटिंग से पहले ही फैसला कर लिया जाता था और फोन पर मौखिक रूप से प्रबंधन को आदेश दे दिया जाता था। 2005 की इस चिट्ठी को लेकर दो संसद सदस्यों ने सीवीसी से जांच की मांग की है। साफ तौर पर पूर्व सीएमडी ने तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री पर बेहद गंभीर आरोप लगाया है। भ्रष्टाचार, महंगाई जैसे मुद्दों पर पहले से निशाने पर रही यूपीए सरकार को यह चोट भी गहरा जख्म देगी इससे इनकार नहीं किया जा सकता। 

मौत के दो दिन पहले किया था सेक्स : इंटर पोल की मदद लेगी दिल्ली पुलिस


    नई दिल्ली। एयरहोस्टेस गीतिका शर्मा केश मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक मौत से दो-तीन दिन पहले गीतिका से शारीरिक संबंध बनाए गए थे। 
उससे संबंध बनाने वाला शख्स कौन है, इसका पता लगाने के लिए जरूरी डीएनए जांच करवाई जा रही है। गीतिका के परिजनों ने साफ कहा है कि उसका कोई करीबी दोस्त नहीं था। ऐसे में डीएनए रिपोर्ट इस मामले में अहम रहने की उम्मीद है और पुलिस इसे एक ठोस सबूत के तौर पर इस्तेमाल करेगी। 
इस बीच, अब पुलिस भी मान रही है कि इस मामले में मुख्‍य आरोपी, हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा  विदेश भाग गए हैं। दिल्ली पुलिस को 24 अगस्‍त तक कांडा को कोर्ट में हाजिर करना है। इसके लिए पुलिस ने इंटरपोल से मदद लेने का फैसला किया है।  

इक्वाडोर ने दी असांज को शरण : ब्रिटिश धमकी नही आई काम


वीटो। इक्वाडोर ने ब्रिटिश धमकी को नजरअंदाज करते हुए विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज को राजनीतिक शरण देने की घोषणा की है। हालांकि असांज जून से लंदन के इक्वाडोर दूतावास में हैं। लेकिन उन्हें शरण देने की औपचारिक घोषणा गुरुवार को की गई। 
ब्रिटेन ने बुधवार को धमकी दी थी। उसने कहा था कि असांज को देश से सुरक्षित नहीं जाने दिया जाएगा। यह भी कहा था कि इक्वाडोर की राजनयिक मान्यता खत्म करते हुए ब्रिटिश पुलिस दूतावास में घुसेगी और असांज को पकड़ लेगी। इक्वाडोर के विदेश मंत्री रिकाडरे पती नो ने असांज को शरण देने की घोषणा करते हुए ब्रिटिश धमकी को वियना कन्वेंशन के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि इक्वाडोर कोई ब्रिटिश उपनिवेश नहीं है जो डर जाएगा। लेकिन इक्वाडोर के फैसले के बाद ब्रिटेन के साथ राजनयिक टकराव की स्थिति बन गई है।
ब्रिटेन ने कहा है कि वह असांज को स्वीडन को प्रत्यर्पित करने के लिए कानूनन बाध्य है। वह असांज को अपने यहां से निकलने के लिए सुरक्षित मार्ग कतई नहीं देगा। ब्रिटिश विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा, ‘इस तरह शरण देने से हमारा रु ख नहीं बदलेगा। हमारी कानूनी स्थिति बिल्कुल नहीं बदलने वाली है। उधर, विकीलीक्स ने धमकाने के लिए ब्रिटेन की कड़े शब्दों मंे निंदा क ी है। असांज की खोजी वेबसाइट विकीलीक्स ने अमेरिका के ढाई लाख से ज्यादा गोपनीय राजनयिक दस्तावेज सार्वजनिक कर दिए थे। इससे अमेरिका नाराज है।
असांज को पकड़ने के लिए उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न का एक मामला दर्ज करवाया गया। ब्रिटेन उन्हें स्वीडन भेजना चाहता है। वहां से उन्हें अमेरिका भेजा जा सकता है। असांज के मुताबिक अमेरिका उन्हें मौत की सजा दे सकता है। गुरुवार सुबह लंदन में ब्रिटिश दूतावास के बाहर सुरक्षा बलों से झड़प के बाद असांज के तीन समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया गया।

अमेरिका में एक सिख की हत्या

वाशिंगटन: अमेरिका में विस्कोंसिन के ओक क्रीक स्थित एक गुरुद्वारे में गोलीबारी की घटना के 12 दिन के बाद इसी विस्कोंसिन राज्य में लूटपाट के प्रयास की घटना में एक बुजुर्ग सिख की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि हमलावर को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया गया है। मारे गए व्यक्ति की पहचान 56 वर्षीय मृतक दलबीर सिंह के रूप में हुई है।
दलबीर विस्कोंसिन के मिलवाउकी शहर में अपने भतीजे जतिन्दर सिंह की किराने की दुकान चलाने में मदद करते थे। एक और सिख के मारे जाने से सिख समुदाय के बीच में शोक की लहर दौड़ गई है। हालांकि पुलिस ने इसे लूटपाट की घटना कहा है और 5 अगस्त को ओक क्रीक गुरुद्वारे में हुई गोलीबारी की घटना से इसका किसी तरह का संबंध होने से इनकार किया है। इस हमले में छह सिखों की मौत हो गई थी। हालिया घटना बुधवार की रात उस समय हुई, जब कुछ अज्ञात व्यक्ति दुकान के अंदर घुस आए और जतिन्दर के सिर पर बंदूक रख दी।
मिलवाउकी जर्नल सेंटिनेल की खबरों के मुताबिक जतिन्दर सिंह ने बताया कि उसे और उसके चाचा को दुकान के पिछले भाग में ले जाकर दरवाजा बंद कर दिया गया और फिर एक बदमाश ने दरवाजे पर गोली चला दी, जिससे दलबीर सिंह की मौत हो गई। दलबीर नियमित तौर पर ओक क्रीक गुरुद्वारा जाते थे। जिस दिन वहां गोलीबारी की घटना हुई, उस दिन वह वहां नहीं गए थे।

असम दंगों की आंच में जलने लगा पूरा देश


सरकार ने दिया भरोसा, बेंगलुरु में पूर्वोत्तर के छात्रों को कोई खतरा नहींनई दिल्ली। खुद पर हमले से भयभीत पूर्वोत्तर भारत के बाशिंदों ने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक व महाराष्ट्र से पलायन शुरू कर दिया है। पूर्वोत्तर के लोगों को धमकी भरे एसएमएस मिल रहे हैं। इससे लोगों का पलायन हो रहा है। मुंबई से करीब डेढ़ हजार लोग गुवाहाटी एक्सप्रेस से असम की ओर रवाना हो गए। सिर्फ बेंगलुरू से ही बुधवार रात पूर्वोत्तर के 6800 लोग तीन विशेष ट्रेनों से अपने घर को रवाना हुए। पलायन का दौर शुक्रवार को भी जारी है। कर्नाटक के गृहमंत्री आर. अशोक ने खुद बेंगलुरू स्टेशन पहुंचकर लोगों को समझाया। फिर भी स्टेशनों पर सैकड़ों की संख्या में लोग जमा हैं। इसके अलावा मुंबई, पुणे, चेन्नई व हैदराबाद से भी पलायन जारी है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर ने गुरुवार को लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ है। इस बीच, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिदे ने भी कहा है कि किसी भी क्षेत्र के लोग देश में कहीं भी रह सकते हैं। जो लोग अफवाह फैला रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। हालाकि लोगों को सुविधा मुहैया कराने के लिए कर्नाटक से उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। बेंगलुरू में एक लाख से अधिक लोग पूवरेत्तर के हैं। असम में 19 जुलाई को दो समुदायों के बीच झड़प में चार लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद से हिंसा का दौर जारी है। इस में अब तक 77 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 4.50 लाख लोग राहत शिविरों में गुजर-बसर कर रहे हैं। कर्नाटक के गृहमंत्री आर अशोक के अलावा राज्य के पुलिस महानिदेशक लालरोकमा पुचुओ भी बेंगलुरू स्टेशन पहुंचे। उन्होंने टिकट खिड़की पर लाइन लगाए लोगों से कहा कि 'हमले की खबर महज अफवाह है। मैं खुद पूर्वोत्तर का रहने वाला हूं। किसी को डरने की जरूरत नहीं है।' पुचुओ मिजोरम के रहने वाले हैं।
लोगों को एसएमएस करके धमकी दी जा रही है। मैसेज में लिखा होता है कि शहर और राज्य छोड़ कर नहीं गए तो खमियाजा भुगतना होगा। एमएमएस के अलावा फेसबुक जैसे सोशल साइट का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। अफवाह फैलाने के लिए। रेलवे ने कर्नाटक, खासकर बेंगलुरू से जरूरत के मुताबिक विशेष ट्रेन मुहैया कराई हैं। गुवाहाटी एक्सप्रेस में चार बोगिया जोड़ी गईं। दो विशेष ट्रेनें चलाई गईं। ट्रेनें शुक्त्रवार तक असम और बाकी उत्तर-पूर्वी राज्यों तक पहुंचेगी। वहा सभी स्टेशनों पर सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं।
पिछले दो दिनों में हैदराबाद से करीब 1000, मुंबई और पुणे से 4000 से अधिक लोगों ने पलायन किया है। अभी हाल ही में मुंबई में असम हिंसा के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन में हंगामा हो गया था। इसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। करीब 55 लोग घायल हुए थे। इससे भी लोगों में डर बैठ गया था।

Monday, August 6, 2012

मिशन मंगल के कामयाब होने पर नासा को मिलने लगी है तस्वीरें


NASA rover to land on Mars today, search for traces of lifeवाशिंगटन। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का सबसे हाई टेक मार्स रोवर क्यूरियोसिटी कई महीनों के इंतजार और सालों की मेहनत के बाद आखिरकार मंगल की सतह पर सुरक्षित उतर गया है। भारतीय समयानुसार सोमवार करीब 11 बजे 'गेल क्रेटर' में इसकी सफल लैंडिंग हुई। लैंडिंग की घड़ी जैसे-जैसे करीब आ रही थी, वैज्ञानिकों की दिल धड़कनें तेज होती जा रहीं थीं। जैसे ही मार्स रोवर के लैंडिंग के सिग्नल मिले, कैलिफोर्निया के पसाडेना स्थित लैब में मौजूद नासा के वैज्ञानिक जश्न में डूब गए।
नासा के वैज्ञानिकों को इस स्पेसक्राफ्ट से तस्वीरें मिलने लगी हैं। मंगल पर उतरने के तुरंत बाद रोवर ने अपना 57 लाख किलोमीटर दूर से पहला फोटो जारी किया, जिसमें लाल ग्रह पर रोवर की परछाईं दिखाई दे रही थी।   अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नासा के वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि अमेरिका ने मंगल पर इतिहास रच दिया है।
नासा ने इसके लाइव प्रसारण की व्यवस्था की है। इसे दुनिया का सबसे महंगा वैज्ञानिक मिशन माना जा रहा है। नासा के इस मिशन में भारतीय वैज्ञानिक भी शामिल हैं। मार्स साइंस लेबोरेटरी के शोध के आधार पर ही मंगल ग्रह पर मानव को भेजने की योजना साकार हो सकेगी।
छह पहियों वाले क्यूरियोसिटी का वजन 900 किलो है। ऊंचाई 3 मीटर, स्पीड औसतन 30 मीटर प्रति घटा। यह रोवर मंगल पर 2 साल काम करेगा। इस दौरान कम से कम 19 किलोमीटर की दूरी तय करेगा।
नासा ने इसकी लैंडिंग से पहले भी एक परीक्षण किया है। इसे सेवन मिनिट्स ऑफ टेरर का नाम दिया गया था। अमेरिका, सोवियत संघ, यूरोप व जापान ने 1960 के बाद से जितने भी मंगल अभियान किए उनमें से आधे से ज्यादा विफल हुए हैं। इस बार नासा एक नई लैंडिंग तकनीक का इस्तेमाल किया है। यही वजह है कि इसमें अतिरिक्त सुरक्षा बरती जा रही है। यदि यह अभियान विफल रहा तो नासा भारी संकट में पड़ जाएगा। इसकी वजह है कि नासा के खर्च में कटौती की गई है।
मंगल धरती का सबसे करीबी पड़ोसी ग्रह है। वैज्ञानिकों ने अब तक किए शोध में वहां पानी होने के संकेत पाए हैं। उनका मानना है कि वहां कभी जीवन रहा होगा। अब मंगल एक सूखा, जबरदस्त ठंड और धूल के तूफानों से भरा ग्रह है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मुताबिक क्यूरियोसिटी को मंगल से परीक्षण के लिए कुछ नमूने एकत्रित करने हैं। नासा के मुताबिक रोवर क्यूरिओसिटी के सारे सिस्टम ठीक काम कर रहे हैं। परमाणु ऊर्जा से संचालित क्यूरिओसिटी अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए बनाया गया अब तक का सबसे बड़ा रोवर है। इसका वजन एक टन है। यह एक छोटी कार जितना बड़ा है। छह पहियों का यह रोवर छोटे पत्थरों को तोड़ने, मिट्टी और विकिरण की जांच करने के उपकरण साथ ले गया है।
नासा के मंगल अभियान के डायरेक्टर डूज मैक्किस्टन ने कहा कि इस मिशन में हमारी सबसे बड़ी चुनौती रोवर की लैंडिंग को लेकर बनी हुई थी। मार्स साइंस लेबोरेट्री ने मंगल यात्रा आठ महीने पहले नवंबर, 2011 में शुरू की थी। उन्होंने कहा कि अभी तक टीम अच्छा काम कर रही है, लेकिन इसके बाद भी मिशन को चुनौतियां और खतरा बना हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आगे भी सब ठीक रहेगा।