Wednesday, October 31, 2012

केजरीवाल ने रिलायंस इंडस्ट्रीज पर आरोप लगाए

दिल्ली के कंस्टीट्यूशनल प्रेस कल्ब में अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को मुकेश अंबानी और रिलायंस इंडस्ट्रीज पर आरोप लगाए। केजरीवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुकेश अंबानी ने कांग्रेस सरकार के निर्णय को प्रभावित किया। उन्होंने गैस की जमाखोरी की और सरकार को ब्लैकमेल किया। देश में महंगाई के लिए रिलायंस जिम्मेदार है। जो बिजली सस्ती मिलनी चाहिए वो ऊंची कीमत पर लोगों को मिल रही है। अरवींद केजरीवाल और प्रशांत भूषण ने नीरा राडिया टेप के कुछ हिस्से भी सुनाए। जिसमें राडिया, देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दामाद रंजन भट्टाचार्या के बीच बातचीत रिकॉर्डेड है। केजरीवाल ने रिकॉर्डेड बातचीत के हवाले से बताया कि इस टेप में रंजन भट्टाचार्या कह रहे हैं कि कांग्रेस अपनी दुकान है।सभी राजनीतिक दलों और उनके नेताओं की सांसें थमी हुई हैं। हर किसी को यही फिक्र है कि इस बार वह क्या करने जा रहे हैं और उनके निशाने पर कौन होगा।
 पिछले दिनों से तमाम राजनीतिक दल केजरीवाल के खिलाफ 'एकजुट' नजर आ रहे हैं। सभी के सामने मुश्किल यह है कि अगर वे विरोधी दल या नेता के खुलासे पर केजरीवाल का समर्थन करते हैं, तो कल को उनका नंबर भी आ सकता है।सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा और बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी को लेकर खुलासे कर चुके हैं। केजरीवाल ने सावधानी बरतते हुए अपने इस खुलासे पर आखिरी समय तक सस्पेंस बनाए रखा।हालांकि इस बार अरविंद केजरीवाल के ऊपर भी दबाव होगा, क्योंकि पिछली बार जब उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी पर आरोप लगाए थे, तो इसे बीजेपी ने फ्लॉप शो करार दिया था। केजरीवाल की टीम के सदस्यों पर भी कुछ संगीन आरोप लगे थे, जिनकी जांच केजरीवाल ने 'आंतरिक लोकपाल' से कराने का ऐलान किया है।केजरीवाल ने एनडीए सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुकेश अंबानी को ठेका एनडीए सरकार ने दिए। वर्तमान में सरकार रिलायंस के सामने बेबस है। कांग्रेस पार्टी और बीजेपी रिलायंस के सामने बेबस हैं। केजरीवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि देश में महंगाई, रिलायंस को सरकार द्वारा फायदा पहुंचाने से है।केजरीवाल ने अपने आरोपों के बाद सवाल उठाते हुए कहा कि केजी बेसिन में रिलायंस को ठेका क्यों दिया गया? केजरीवाल की मानें तो सरकार ने रिलायंस को मुंहमांगी कीमत दी
सवाल ये है कि रिलायंस को क्यों पहुंचाया गया फायदा वर्तमान में पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी को पेट्रोलियम मंत्रालय से हटा दिया गया। केजरीवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि रेड्डी ने रिलायंस को रोका तो हटा दिया गया। रिलायंस ने गैस की जमाखोरी शुरु कर दी। इसके लिए जयपाल रेड्डी ने रिलायंस को सात हजार करोड़ का नोटिस भेजा था। आज उनको पेट्रोलियम मंत्रालय से हटा दिया गया। रिलायंस ने सरकार को ब्लैकमेल किया।साल 2006 में पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर को हटा दिया गया और उनकी जगह मुरली देवड़ा को रिलायंस को फायदा पहुंचाने के लिए लाया गया। रिलायंस के इशारे पर ही देवड़ा को पेट्रोलियम मंत्री बनाया गया। रिलायंस ने प्राकृतिक गैस की कीमत दो गुनी कर दी। रिलायंस को दस साल में खासा फायदा पहुंचाया गया है। केजरीवाल के मुताबिक प्रधानमंत्री बेबस दिख रहे हैं।
केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में नीरा राडिया और अटल बिहारी वाजपेयी के दामाद रंजन भट्टाचार्य की बातचीत के दो ऑडियो क्लिप सुनाए और दावा किया कि किस तरह कांग्रेस और बीजेपी रिलायंस की मुट्ठी में हैं। केजरीवाल के मुताबिक मुरली देवड़ा रिलायंस के आदमी हैं। केजरीवाल ने दावा किया कि मुरली देवड़ा ने रिलायंस को 1 लाख करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया।केजरीवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने रिलायंस को फायदा पहुंचाया। पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने जब रिलायंस का विरोध किया तो उनकी छुट्टी कर दी गई। उन्होंने कहा कि रिलायंस की दादागिरी से गैस आधारित कई प्लांट बंद हुए।जब से अरविंद केजरीवाल ने राजनीति में उतरने का फैसला किया है, तब से वह करप्शन के कई मामलों को सामने ला चुके हैं। इंडिया अगेंस्ट करप्शन के बैनर तले अभी तक महाराष्ट्र सिंचाई घोटाला, रॉबर्ट वाड्रा-डीएलएफ डील, केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद और बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। हर बार उन्होंने अपनी बात पूरे सबूतों के साथ रखी और उनके आरोपों पर किसी से कोई जवाब देते नहीं बना।

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स्टॉक एक्सचेंज, यूएन मुख्यालय बंद , 6 करोड़ लोगों पर तूफान का असर

तूफान सैंडी ने भारतीय समयानुसार तड़के सुबह अमेरिका के न्यू जर्सी राज्य के अटलांटिक शहर में सबसे पहले दस्तक दी। तूफानी हवाओं के साथ तेज बारिश से सड़कों पर पानी भरना शुरू हो गया है। समंदर में सामान्य से 11 फीट ऊंची लहरें उठनी शुरू हो गई हैं। जानकारों के मुताबिक अमेरिका के इतिहास में ये सबसे बड़ा तूफान है जिसे आम अमेरिकी शहरी ने अपने जीवन में पहले कभी नहीं देखा था।अमेरिका के नेशनल हरीकेन सेंटर के मुताबिक सैंडी तूफान की रफ्तार थोड़ी कम हो गई है और ये हरीकेन से पोस्ट ट्रॉपिकल स्ट्रॉम में तब्दील हो गया है।लोगों को एहतियातन घरों में रहने के लिए कहा गया है। जिन जगहों पर नुकसान की ज्यादा संभावना है वहां के घरों में भी लोगों को रुकने नहीं दिया जा रहा है। सिर्फ न्यू यॉर्क शहर में करीब 4 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। डेलावेयर से 50,000 लोगों को निकाला गया। अटलांटिक शहर से 30,000 लोगों को निकाला गया।तूफान के खतरे को भांपते हुए लोग खाने-पीने के सामान को जुटाने में लग गए हैं। तूफान का सामना करने के लिए लोग खुद को तैयार कर चुके हैं। साल 1888 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब खराब मौसम की वजह से न्यू यॉर्क स्टॉक एक्सचेंज को लगातार दो दिन बंद किया गया। यही नहीं न्यू यॉर्क में मौजूद संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय को भी दो दिन के लिए बंद कर दिया गया है।उधर राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने सभी चुनावी दौरों को रद्द कर दिया है। वो खुद हालात का लागातार जायजा ले रहे हैं। ओबामा ने लोगों से अपील की है कि तूफान को हल्के में न लें।
 सैंडी तूफान ने कैरिबियाई देशों में अब तक 67 जान ले चुका है जिसमें सिर्फ हैती में 51 लोगों की मौत हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक तूफान सैंडी करीब 48 घंटों तक अमेरिका में तबाही फैलाएगा। इसके बाद इसका असर कम होता जाएगा। लेकिन तब तक सैंडी कितनी तबाही मचा चुका होगा कोई नहीं कह सकता लेकिन अभी-भी अमेरिका पर खतरा बरकरार है। एक अनुमान के मुताबिक करीब 6 करोड़ लोगों पर तूफान का असर होगा। 12 राज्यों के 23 लाख से ज्यादा घरों में बिजली गुल है। 10,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। 7 शहरों में इमरजेंसी लागू कर दी गई है। खतरे को देखते हुए न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज, यूएन मुख्यालय बंद कर दिए गए हैं।अमेरिका इस वक्त सबसे बड़े खतरे से जूझ रहा है। सैंडी तूफान ने अमेरिका में दस्तक दे दी है। न्यूजर्सी राज्य सबसे पहले इसकी चपेट में है। न्यूयॉर्क में भी सैंडी ने दस्तक दे दी है। सैंडी तूफान से अबतक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। तेज हवाओं के साथ बारिश लगातार हो रही है। कई शहरों में सैलाब जैसे हालात पैदा हो रहे हैं। पानी भरने से न्यूयॉर्क इंटरनेशनल एयरपोर्ट बंद कर दिया गया है। न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में भी 3 फीट पानी भर गया है।90 मील प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान सैंडी ने भारतीय समयानुसार तड़के सुबह अमेरिका के न्यू जर्सी राज्य के अटलांटिक शहर में सबसे पहले दस्तक दी। तूफानी हवाओं के साथ तेज बारिश से सड़कों पर पानी भरना शुरू हो गया है। समंदर में सामान्य से 11 फीट ऊंची लहरें उठनी शुरू हो गई हैं। जानकारों के मुताबिक अमेरिका के इतिहास में ये सबसे बड़ा तूफान है जिसे आम अमेरिकी शहरी ने अपने जीवन में पहले कभी नहीं देखा था।तूफान से होने वाली तबाही को देखते हुए अमेरिका को एक तरह से बंद कर दिया गया है। सात शहरों न्यूयॉर्क, मैसाचुसेट्स, न्यू जर्सी, मैरीलैंड, वाशिंगटन, पेनसिल्वेनिया, कनेक्टिकेट में इमरजेंसी लागू है। इन शहरों की मेट्रो, रेल, और बस सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। शहरों के स्कूल, मॉल, सुपर स्टोर सब बंद कर दिए गए हैं।न्यूयॉर्क में 76 राहत केंद्र बनाए गए हैं। न्यू यॉर्क के सभी स्कूल बंद हैं। न्यूयॉर्क के 468 सबवे स्टेशन बंद हैं। न्यूयॉर्क की बस और रेल सेवा भी बंद है। यही नहीं अमेरिका में शनिवार से अबतक 10, 000 से ज्यादा उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं।
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Tuesday, October 30, 2012

शशि थरूर ने नरेंद्र मोदी के कमेंट पर कड़ी प्रतिक्रिया

 मानव संसाधन राज्‍य मंत्री बनाए गए शशि थरूर ने अपनी पत्‍नी पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के कमेंट पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। शशि थरूर ने मंगलवार को ट्विटर पर कमेंट किया और कहा कि मेरी बीवी की कीमत 50 करोड़ रुपये से ज्‍यादा है लेकिन इसे समझने के लिए आपको (नरेंद्र मोदी को) किसी से प्रेम करना होगा। 
नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सोमवार को मनमोहन कैबिनेट के फेरबदल पर निशाना साधा था और कैबिनेट में फिर से शामिल किए गए शशि थरूर को निशाने लेते हुए उनकी पत्‍नी सुनंदा पुष्‍कर को 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड करार दिया था।नरेंद्र मोदी ने सोमवार को हिमाचल के मंडी में चुनावी रैली के दौरान कहा था कि `वाह, क्या गर्लफ्रेंड है। आपने कभी देखी है 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड? मोदी शशि थरूर पर लगे उस आरोप का हवाला दे रहे थे, जिसमें यह आरोप लगा था कि वर्ष 2010 में थरूर ने सुनंदा पुष्कर को आईपीएल में कोच्चि टीम के प्रमोटरों की तरफ से शेयर दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसी आरोप के बाद थरूर ने मनमोहन सिंह की कैबिनेट से इस्तीफा देदिया  था। 

Monday, October 29, 2012

अमेरिका में सैंडी तूफान ने भारी तबाही मचाई

अमेरिका में सैंडी तूफान ने भारी तबाही मचाई है। सैंडी तूफान की वजह से अमेरिका के कई राज्यों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। न्यूयॉर्क में सैंडी तूफान की आशंका को देखते हुए ट्रेन और बस का परिचालन बंद कर दिया गया है। सरकारी दफ्तर और स्कूल बंद हो चुके है। अमेरिका का पूर्वी तट कई दशकों बाद आए सबसे बड़े तूफान सैंडी से निपटने के लिए तैयार हो रहा है। सैंडी न्यूयार्क, वॉशिंगटन और बोस्टन के सर्वाधिक आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ रहा है।तूफान की वजह से यहां तेज बारिश हो सकती है और बर्फ गिर सकती है जिसके कारण हजारों लोगों को यहां से हटा कर सुरक्षित स्थानो पर भेजा जा रहा है।समझा जाता है कि न्यूयार्क और न्यूजर्सी में जल्द ही तूफान दस्तक दे देगा। न्यूयार्क में कल शाम से यातायात प्रणालियों को बंद करने का आदेश दिया गया है। 14 माह में दूसरी बार सार्वजनिक परिवहन प्रणालियां बंद की गई हैं।सैंडी के कारण लोगों के मन में पिछले साल अगस्त में पूर्वी तट पर आए तूफान इरीन की यादें ताजा हो गई हैं। तब भी इसी तरह परिवहन प्रणालियां बंद की गई थीं, बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया था और बिजली बंद होने की वजह से लाखों लोगों को अंधेरे में रहना पड़ा था।
राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कोलंबिया, मैसाच्युसेट्स और न्यूयार्क में आपात स्थिति की घोषणा कर दी है। उन्होंने इन राज्यों के गवर्नरों को सुरक्षा के पूरे उपाय करने तथा निचले इलाकों में रह रहे लोगों को वहां से हटाने का आदेश दिया है।तूफान के कारण देश के पूर्वोत्तर भाग में 6000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। अकेले न्यूयार्क शहर से 370,000 लोगों को हटाया गया है।




Saturday, October 27, 2012

हिमाचल प्रदेश में गडकरी की दो रैलियां रद्द



आज हिमाचल प्रदेश में होनी वाली गडकरी की दो रैलियां रद्द कर दी गई हैं। ये रैलियां किन्नौर और चौपाल में होनी थीं। भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी से संघ के हाथ झटकने के बाद अब गुजरात भाजपा ने भी उन्हें चुनाव प्रचार में शामिल न करने का मन बना लिया है। प्रदेश नेतृत्व का इसके पीछे यह तर्क है कि यदि गडकरी प्रचार करते हैं तो कांग्रेस इसे मुद्दा बनाकर पार्टी को नुकसान पहुंचा सकती है। इस बीच खबर है कि शनिवार को हिमाचल प्रदेश में गडकरी की दो सभाएं रद कर दी गई हैं। ये रैलियां चौपाल और किन्नौर में होनी थी।बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी से धीरे-धीरे हर कोई किनारा करने लगा है। शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) अपने 'चहेते' गडकरी से खुद को अलग कर ही चुका है और अब गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भी नहीं चाहते कि विधानसभा चुनावों में गडकरी की छाया तक पड़े। मोदी नहीं चाहते कि कंपनी में बेनामी पैसे को लेकर विवादों में फंसे बीजेपी प्रेजिडेंट नितिन गडकरी गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान वहां आएं और कांग्रेस को बैठे-बिठाए करप्शन का मुद्दा मिल जाए। गुजरात बीजेपी के कई नेता खुलकर अपनी इस भावना का इजहार कर रहे हैं। 
गौरतलब है कि चुनाव आयोग को स्टार प्रचारकों की सौंपी गई लिस्ट में गडकरी का नाम सबसे ऊपर था लेकिन अब उनकी जगह पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी स्टार प्रचारकों की अगुवाई करेंगे और अरुण जेटली और सुषमा स्वराज उनका साथ देंगे। इसके अलावा भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, रमन सिंह, प्रेम कुमार धूमल, जगदीश शेट्टार, मनोहर पार्रिकर और अर्जुन मुंडा चुनाव प्रचार करेंगे। साथ ही राजनाथ सिंह, वेंकैया नायडू, बलवीर पुंज, गोपीनाथ मुंडे जैसे नेता भी नरेंद्र मोदी के लिए वोट मांगेंगे। गुजरात में विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए मोदी द्वारा जारी 39 नेताओं की सूची पर पहले ही विवाद हो चुका है। कहा जा रहा है कि इस सूची को अंतिम रूप देने से पहले आलाकमान से सलाह-मशविरा तक नहीं किया गया।
पार्टी के शीर्ष नेताओं का एक धरा भी यह मान रहा है कि अभी यदि गडकरी को प्रचार में शामिल किया गया तो मोदी को नुकसान पहुंच सकता है। जबकि दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि यदि गडकरी से प्रचार नहीं कराया गया तो इसे उन पर लगे आरोपों की स्वीकारोक्ति समझा जा सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि गडकरी के नाम पार्टी नेतृत्व और संघ क्या फैसला लेता है।

अंबिका सोनी, वासनिक और सहाय का इस्तीफा , कैबिनेट में मची भगदड़

विदेशमंत्री एसएम कृष्णा के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री मुकुल वासनिक ने भी प्रधानमंत्री से मिलकर उनको अपना इस्तीफा सौंप दिया है। अब सुबोधकांत सहाय और श्रीप्रकाश जायसवाल पर तलवार लटक रही है। रविवार सुबह साढ़े 11 बजे होने वाले कैबिनेट फेरबदल में कमलनाथ को अतिरिक्त प्रभार के आसार हैं और उन्हें संसदीय कार्य मंत्रालय भी सौंपा जा सकता है। साथ ही कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में रविवार को प्रस्तावित फेरबदल की कवायद के बीच मनमोहन सरकार के कैबिनेट फेरबदल में बड़ी उठापटक हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक कई मंत्रियों को सरकार से संगठन में भेजा जा सकता है तो वहीं राहुल गांधी की युवा टीम के लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है.अब अंबिका सोनी, मुकुल वासनिक और सुबोधकांत सहाय भी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे सकते हैं. राजस्थान के महादेव खंडेला की भी छुट्टी हो सकती है.ऐसे में विदेश मंत्री के साथ-साथ सूचना-प्रसारण मंत्री, सामाजिक न्याय मंत्री और पर्यटन मंत्री के लिए भी माथापच्ची हो रही है.अंबिका सोनी फिलहाल सूचना और प्रसारण मंत्री हैं, जबकि मुकुल वासनिक के पास सामाजिक न्याय मंत्रालय का प्रभार है. सुबोधकांत सहाय पर्यटन मंत्री हैं.

कैबिनेट में फेरबदल को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी गहमागहमी है.कैबिनेट फेरबदल में सचिन पायलट और मिलिंद देवड़ा का दर्जा बढ़ाए जाने की भी खबर है. सूत्रों की मानें तो सचिन पायलट और मिलिंद देवड़ा को प्रमोशन देकर राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया जा सकता है.सूत्रों बताते हैं कि सलमान खुर्शीद कानून मंत्री बने रह सकते हैं, लेकिन उनसे अल्पसंखंयक मंत्रालय का प्रभार वापस लेकर के रहमान खान को दिया जा सकता है. दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे कपिल सिब्बल से शिक्षा मंत्रालय लेकर वीरप्पा मोईली या किसी और को सौंपने पर आज की बैठक में फैसला हो सकता है. पश्चिम बंगाल के मालदा दक्षिण से सांसद अबु हसम खान चौधरी, आंध्र प्रदेश के महबूबाबाद से सांसद पी बलराम नाइक और आंध्र प्रदेश के ही कुरनूल से सांसद कोटला सूर्यप्रकाश रेड्डी को मंत्री बनाए जाने की खबर भी है.सूत्रों के मुताबिक इन तीनों सांसदों को फोन करके मंत्री बनाए जाने की जानकारी दे दी गई है. इनके अलावा एनसीपी नेता तारिक अनवर को भी मंत्री बनाने की जानकारी दी गई है. इसके अलावा राजस्थान से धीरज साहू और झारखंड से प्रदीप बालमूचु को भी मंत्री बनाया जा सकता है.

रविवार को होने वाले कैबिनेट फेरबदल में कई दिग्गजों की छुट्टी हो सकती है. फेरबदल से पहले विदेश मंत्री एमएम कृष्णा इस्तीफा दे चुके हैं. सूत्रों के मुताबिक सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह के बीच आज एक बार फिर इस मामले पर बातचीत हो सकती है. बैठक में इस बात पर चर्चा हो सकती है कि हरीश रावत, श्रीकांत जेना और ज्योतिरादित्य सिंधिया का कद बढ़ाकर उन्हें किस मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जाए.





Friday, October 26, 2012

कृष्णा का इस्तीफा,अंबिका और मुकुल ने भी की पेशकश


केंद्र सरकार में फेरबदल की कवायद के बीच विदेश मंत्री एस एम कृष्णा ने इस्तीफा दे दिया है , इस्तीफा मंजूर भी कर लिया गया है।  अंबिका सोनी और मुकुल वासनिक ने इस्तीफे की पेशकश कर दी है। दोनों ने ही पार्टी के लिए काम करने की इच्छा जताई है। वहीं विदेश मंत्री एसएम कृष्णा आज दिन में ही इस्तीफा दे चुके हैं। कृष्णा ने अपनी सुरक्षा और लाल बत्ती की गाड़ी भी लौटा दी हैअपने इस्तीफ़े के बाद कृष्णा ने कहा कि वे पार्टी के एक वफ़ादार कार्यकर्ता हैं और पार्टी के लिए काम करते रहेंगे. पिछले कुछ दिनों से भारतीय मीडिया में कृष्णा के इस्तीफ़े की बात चल रही थी.
गुरुवार को कर्नाटक के लोकायुक्त ने मैसूर-बैंगलोर एक्सप्रेसवे के लिए ज़मीन अधिग्रहण करने के मामले में कृष्णा के ख़िलाफ़ जांच के आदेश दिए थे.इसी मामले में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के ख़िलाफ़ भी जांच के आदेश दिए गए हैं. इसी बीच आज सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह ने भी इस मुद्दे पर मुलाकात की। मुलाकात प्रधानमंत्री के निवास पर हुई। कैबिनेट में 28 अक्टूबर (रविवार) को फेरबदल होने की संभावना है। 
कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा या फिर कानून मंत्री सलमान खुर्शीद विदेश मंत्री बन सकते है। कृष्णा को कर्नाटक या फिर तमिलनाडु का राज्यपाल बनाया जा सकता है। एनसीपी कोटे से अगाथा संगमा का हटना तय माना जा रहा है तो पर्यटन मंत्री सुबोधकांत सहाय की कुर्सी पर भी तलवार लटकी है। वहीं राहुल गांधी के केंद्र सरकार में शामिल होने के कोई संकेत नहीं है। हालांकि राहुल के कई करीबियों को इस बार मंत्रीपद मिल सकता है। मध्य प्रदेश के मंदसौर से सांसद मीनाक्षी नटराजन और तमिलनाडु के विरुधुनगर से सांसद मनिका टैगोर भी मंत्रीमंडल में शामिल हो सकती है। रविवार को कैबिनेट में फेरबदल पक्का माना जा रहा है। एबीपी न्यूज ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि तीन कांग्रेसी सांसदों को फोन पर रविवार को मंत्रीपद की शपथ लेने के बारे में बताया गया है। ये सांसद अबु हसम खान चौधरी, पी बलराम नाइक और कोटला सूर्यप्रकाश रेड्डी हैं।