Thursday, September 27, 2012

केवल धर्म के आधार पर दोषी या आतंकवादी नहीं ठहराया जा सकता-- सुप्रीम कोर्ट


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नई दिल्ली। आज सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के मुसलमानों के लिए राहत भरी बात कही है। देश की सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि किसी व्यक्ति को केवल धर्म के आधार पर दोषी या आतंकवादी नहीं ठहराया जा सकता है। अगर कोई ऐसा करता है तो वो दोषी कहलायेगा और वो सजा का पात . अदालत ने यह बात उस समय कही जिस समय गुजरात में आतंकवाद के आरोप में दोषी करार दिए 11 लोगों को बरी किये जाने का उसने आदेश दिया था। आपको बता दें यह सभी पिछले 11 साल से जेल में थे। बरी किये गये सभी 11 मुस्लिमों को साल 2002 में टाडा (आतंकवाद और विध्वंसकारी गतिविधि रोकथाम कानून) की विशेष अदालत ने, 1994 मे  अहमदाबाद में भगवान जगन्ननाथ पुरी यात्रा के दौरान कथित तौर पर सांप्रदायिक हिंसा की साजिश रचने का दोषी करार दिया था, जिसके कारण यह सभी जेल में थे। उच्चनम न्यायालय ने जिला पुलिस को सख्त हिदायत दी कि वो किसी को भी धर्म के आधार पर गिरफ्तार नहीं कर सकती है भारत एक ऐसा देश है जहां सारे धर्म के लोगों का उच्च स्थान है इसलिए पुलिस को ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जिससे आम आदमी के दिल में दहशत जन्म ले और वो खौफजदा हो। देश में किसी भी मुस्लिम को यह नहीं लगना चाहिए कि उसे 'माय नेम इज खान बट आई एम नॉट टेरेरिस्ट' के कारण सताया जा रहा है।

शरद पवार शुक्रवार को मुंबई पहुंच रहे हैं।

 महाराष्ट्र में उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के इस्तीफे को लेकर जारी गतिरोध के बीच शरद पवार शुक्रवार को मुंबई पहुंच रहे हैं। समझा जाता है कि वह इस मुद्दे पर अंतिम फैसला करेंगे।  राकांपा प्रमुख और केंद्रीय मंत्री शरद पवार शुक्रवार को यहां पहुंच रहे हैं पवार कल शाम चार बजे राकांपा के विधायक दल की एक बैठक में शामिल होंगे। राकांपा के विधायकों ने कल एक बैठक में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें अजीत पवार से उनका इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध किया गया है। पार्टी के शीर्ष नेता आज राकांपा के वरिष्ठ सदस्य तथा राज्य विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष बाबासाहेब कुपेकर के अंतिम संस्कार के लिए कोल्हापुर में हैं। अजीत पवार के इस्तीफे को लेकर पार्टी में मतभेद के संकेत हैं। कल राकांपा विधायकों ने उनसे इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध किया। लेकिन शरद पवार के करीबी और केंद्रीय मंत्री प्रफुल पटेल ने कहा कि इसे स्वीकार किया जाना चाहिए। बहरहाल, सभी ने कहा कि शरद पवार का निर्णय अंतिम होगा।मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कल रात अजीत पवार ने अपने और अपने चाचा शरद पवार के बीच दरार की खबरों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह (दरार की खबरें) मीडिया की उपज है। शरद पवार पार्टी के सर्वोच्च नेता हैं और उनका फैसला (इस्तीफे पर) अंतिम होगा। अजीत पवार से पूछा गया कि क्या राकांपा अध्यक्ष के कहने पर वह अपना इस्तीफा वापस ले लेंगे। इस पर अजीत पवार ने कुछ भी कहने से मना कर दिया। 

Tuesday, September 25, 2012

सीडब्ल्यूसी ने सरकार के आर्थिक सुधारों के निर्णय का समर्थन किया.

कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) ने  सरकार के आर्थिक सुधारों के निर्णय का समर्थन किया.सीडब्ल्यूसी ने कहा कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने व रुपये के गिरते मूल्य को देखते हुए ऐसा करना आवश्यक था.सीडब्ल्यूसी की मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह बात कही गई. बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम सहित 30 सदस्य शामिल हुए थे. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सीडब्ल्यूसी से कहा कि अर्थव्यवस्था जब तक मजबूत स्थिति में नहीं होगी, तब तक प्रमुख कल्याणकारी कार्यक्रम प्रभावी तरीके से लागू नहीं किये जा सकेंगे। सीडब्ल्यूसी ने एक प्रस्ताव पारित कर सरकार के आर्थिक सुधारों की पहल का अनुमोदन किया।सीडब्ल्यूसी की बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वित्त मंत्री पी चिदंबरम, रक्षा मंत्री ए के एंटनी, कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी समेत 30 सदस्य मौजूद थे।
 बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने संवाददाताओं से कहा कि बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि आर्थिक सुधार जरूरी कदम है और सरकार ने उस दिशा में पहल की है। द्विवेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सीडब्ल्यूसी से कहा कि सरकार के किसी कार्य में कोई कमी नहीं आएगी तथा गरीबों एवं समाज के कमजोर वर्ग के लोगों के कल्याण के लिए कार्य जारी रहेंगे। कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यू) ने आर्थिक सुधार जारी रहने और महंगाई पर रोक लगाने की जरूरत को रेखांकित किया।उन्होंने कहा कि विकास, गरीबों और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए किये जा रहे कार्यों में कोई बाधा नहीं आयेगी, जो कांग्रेस की नीति रही है। राहुल गांधी के बारे में पूछे गए एक सवाल पर द्विवेदी ने बताया कि एक सदस्य ने जम्मू कश्मीर में पंचायत चुनाव के बाद चुने गए लोगों को अधिकार नहीं दिये जाने का मुद्दा उठाया। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि हमें इस पर ध्यान देना चाहिए।  द्विवेदी ने  कहा कि अगर हम अपनी आर्थिक स्थिति को ठीक नहीं करेंगे, तब गरीबों, पिछड़ों और समाज के कमजोर वर्ग के लोगों के लिए कल्याण योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे नहीं बढ़ा पायेंगे। चिदंबरम ने सीडब्ल्यूसी के समक्ष आर्थिक सुधार के तीन कदमों का उल्लेख किया। वित्त मंत्री ने कहा कि देश में ज्यादा पैसा आए ताकि रुपये की कीमत नहीं घटे। उत्पादन बढ़े ताकि मुद्रास्फीति नहीं बढ़े और सब्सिडी पर रोक लगे। वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि दुनिया भर में जो आर्थिक हालात है, उससे भारत प्रभावित न न हो, इसके लिए आर्थिक सुधार जरूरी हैं। पहले भी ऐसी स्थितियां आईं लेकिन अपनी आर्थिक नीतियों के कारण भारत बचा रहा। 
    

    

Monday, September 24, 2012

आर्थिक सुधारों के बाद कैबिनेट में फेरबदल


 आर्थिक सुधारों के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कैबिनेट में फेरबदल करने पर जुट गए हैं। ये फेरबदल मंगलवार या फिर 28 सितंबर तक हो सकता है।नए चेहरों में से ज्योतिरादित्य सिंधिया और सचिन पायलट को आगे बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा जर्नादन दि्वेदी प्रदीप भट्टाचार्य, दीपा दासमुंशी ,के.रहमान खान
मीनाक्षी नटराजन को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। वहीं आंध्र प्रदेश में पार्टी की राजनीति को पटरी पर लाने के लिए चिरंजीवी को शामिल करने के आसार हैं। इसके अलावा गुरूदास कामत, शशि थरूर, कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी और मिनाक्षी नटराजन ज्योति मिर्धा ,मनीष तिवारी ,दीपा दासमुंशी , तारिक अनवर को भी कैबिनेट में जगह मिल सकती है। कोयला आवंटन के मामले में फंसे सुबोध कांत सहाय को कैबिनेट से निकाला जा सकता है। साथ ही उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के चलते बेनी प्रसाद वर्मा पर भी गाज गिर सकती है। कैबिनेट फेरबदल में डबल चार्ज संभाल रहे मंत्रियों का भार कम किया जा सकता है।माना जा रहा है कि वित्त मंत्री पी चिदंबरम, गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे, रक्षा मंत्री ए के एंटनी और विदेश मंत्री एस एम कृष्णा के पद में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। वहीं कैबिनेट में ममता के विरोधियों को जगह मिल सकती है। सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट में 15 नए चेहरे शामिल होने की संभावना है।


राहुल गांधी को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिवालय में भी बड़े फेरबदल होने हैं. अमेठी से सांसद राहुल गांधी को संगठन में और बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है.वहीं पार्टी में अटकलें लगाई जा रही हैं कि राहुल गांधी को बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है
हाल ही में गांधी ने कहा था कि वह भी इसके लिए तैयार हैं। लेकिन उन्हें इस बार सरकार में लाया जाएगा या पार्टी में ही बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। मंत्रिपरिषद से ए. राजा तथा दयानिधि मारन काफी पहले हट गए थे लेकिन उनकी पार्टी द्रविड मुनेत्र कषगम ने उनकी जगह अपने दूसरे प्रतिनिधि नहीं दिए थे। अभी भी उसने इस बारे में अभी अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है

सी. पी. जोशी ने रेल मंत्रालय सम्भाल लिया।


  • नई दिल्ली   केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री सी. पी. जोशी ने सोमवार को रेल मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सम्भाल लिया। तृणमूल कांग्रेस के मुकुल रॉय के इस्तीफे के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। जोशी राजस्थान में भीलवाड़ा से कांग्रेस के लोकसभा सदस्य हैं। रेल मंत्रालय का प्रभार जोशी को मिलने के बाद, करीब 17 वर्षो बाद सभी प्रमुख बुनियादी संरचना वाले मंत्रालय कांग्रेस के पास लौट आए हैं। सी. के. जाफर शरीफ वर्ष 1991 से 1995 तक कांग्रेस के अंतिम रेल मंत्री थे।रॉय ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) से समर्थन वापस लेने की तृणमूल कांग्रेस की घोषणा के बाद शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया था। उनके साथ-साथ तृणमूल के पांच अन्य मंत्रियों ने भी इस्तीफा दे दिया था। सड़क परिवहन मंत्री सीपी जोशी ने आज रेल मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाला और कहा कि रेलवे के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं में सुधार के साथ-साथ मुसाफिरों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। तृणमूल कांग्रेस नेता मुकुल राय के इस्तीफे के बाद जोशी को रेलवे का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। तृणमूल कांग्रेस के यूपीए सरकार से समर्थन वापस लेने के साथ मुकुल राय सहित पार्टी के सभी छह मंत्रियों ने .

Saturday, September 22, 2012

Supreme Court rejects advocate santosh kumar suman petition against Manmohan Singh


lamming an advocate of the Supreme Court for filing frivolous petition demanding prosecution of Prime Minister Manmohan Singh in the 2008 cash-for-vote scam, the Delhi High Court on Tuesday also slapped a fine of Rs1 lakh on him.
Justice Ajit Bharihoke while dismissing the petition of Santosh Kumar Suman, said, “The petition appears to have been filed with malafide intention with a view to gaining cheap publicity. Thus, in my view the application is nothing but a gross abuse of process of law.”In July 2008, some MPs flashed currency notes in the House claiming that it was offered to them to save the UPA government.“Since the money was allegedly offered to save the government headed by the respondent (PM) so his complicity in the offering of money to MPs is obvious, as such the case should be registered against the respondent (PM),” the petition said.